Jesus Love You

 जब प्यारे लोग सोते हैं तब हमारे ईश्वर नहीं सोते,,
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     Jesus Love You – हमें सुपरिचित एक वचन हैं: यदि प्रभु घर नहीं बनाये तो मज़दूरों की मेहनत व्यर्थ है, यदि प्रभु शहर का पहरा नहीं देते तो पहरेदारों के जागने से कोई फायदा नहीं’ । मगर अगला वचन इस प्रकार है: कठोर परिश्रम की रोटी कानेवालो! तुम व्यर्थ ही सबेरे जागते और देर से सोने जाते हो, वह अपने सोये हुए भक्त का भरण-पोषण करता है (स्तोत्र 127:2) ।
    धडके उठकर रात देर तक कठिन मेहनत करने के बावजूद भी कुछ व्यक्तियों के विषय में सारी कमाई खो जाती है। मगर प्रमु के प्यारे सोए हुए है तो भी ईश्वर उनके लिए सारा बन्दोबस्त काते हैँ । अर्थात् बिना माँगे ही उनकी ज़रूरतों कीं पूर्ति होती है।
   ऊपर उद्घृत वचन को प्रमाणित करते हुए नबी इसायाह के ज़रिए ईश्वर बताते हैं- मेरे चुने हुए लोग स्वयं अपने परिश्रम का फल खायेंगे। वे अब व्यर्थ परिश्रम नहीं करेंगे (इसा 65:22-23) । दुहाई देने के पहले मैं उम्हें उत्तर दूँगा । उनकी प्रार्थना पूरी होने से पहले ही मेैं उसे स्वीकार करूँगा (इसा 65:24) ।

Jesus Love You– कौन है ईश्वर के प्यारे?

    यदि तुम मेरी बात मानोगे और मेरे विधान के अनुसार चलोगे, तो तुम सब राष्ट्रों में से मेरी अपनी प्रजा बन जाओगे, क्योंकि समस्त पृथ्वी मेरी है .(निर्ग.19:5) ।
    जब अपने प्यारे सोते हैं , तब प्रभु उनके सभी कार्य निभाते हैं । इसके काफी नमूने बाइबिल में नज़र आते हैं । फिर भी कुछ व्यक्तियों के अनुभव के ज़रिए हम इस वचन को हम खूब समझ सकते हैं।

1. इब्राहीम को बलि हो कर मेढे को देते है –

अपने पुत्र को अपने एकलौते को, परमप्रिय इसहाक को साथ ले जा कर मोरिया देश जाओ। वहाँ जिस पहाड पर मैं तुम्हें बताऊँगा, उसे बलि चढा देना (उत्पत्ति 22:2) । ईश्वर का आदेश सुन कर बडे सबेरे उठ कर बलि चढाने के लिए बेटे को लेंकर पहाडी के ऊपर गया, अपने एकलोते बेटे को बलि चढाने के लिए छुरा हाथ में ले लिया तो आकाश से स्वर्गदूत ने इब्राहीम को बुला कर कहा, बालक पर हाथ नहीं उठाना उसे कोई हानि नहीं पहुँचाना तथा बलि के लिए एक मेढा दे दिया । यहाँ ईश्वर की आज्ञा का पालन करने के कारण इब्राहीम ईश्वर का प्यारा हो गया । ईश्वर ने उनका अनुग्रह किया, तुमने मेरी आज्ञा का पालन किया है, इसलिए तुम्हारे वंश के द्वारा पृथ्वी के सभी राष्ट्रों का कल्याण होगा (उत्पत्ति 22:18) ।

2. इस्राएलीं जनता को लाल सागर के मध्य सूखा रास्ता तैयार करते हैं ।

    सामने लाल सागर और पीछे फिराऊन के सिपाही देख कर मूसा भयभीत होकर खडा हो गया, लोग उसपर दोष लगा कर बडबडाने लेगे, मूसा ने कहा, प्रभु ही तुम्हारी ओर से युद्ध करेगा और तुम लोगों को कुछ भी नहीं करना पडेगा (निर्ग 14:14) । फिर भी अन्दर ही अन्दर वह भय भीत और दु:खी हुआ, किन्तु यहाँ प्रभु ने दस्तंदाजी की: तुम मेरी दुहाई क्यों दे रहे हो, इस्राएलियों को आगे बढने का आदेश दो । तुम अपना डन्डा उठा कर सागर के ऊपर बढाओ और उसे दो भागों में बाँट दो, जिससे इस्राएली सूख पाँव समुद्र की तह पर चल सके (निर्ग 14:15-16) ।

3. हागार को मरुभूमि में जलस्रोत देते हैं-

     उत्पत्ति 21 वाँ अध्याय, 9से 21 तक को वचनों में हम देखते हैं –  हागार तथा उसमें इब्राहीम को  जन्मा इस्मायेल घर से निकाले गये, मशक का पानी चूक गया, बच्चा मरा चाहता था, तो उसके निधन को देखने में वह असमर्थ थी, वह एक तीर के टम्पे की दूर पर जा कर पीछे मुड कर देखती रही, स्वर्ग से एक दूत प्रकट हुआ और बोला, ‘बच्चों का रुदन ईश्वर ने सुन लिया है’ और ज़लसमृद्ध एक कुआ दिखाया। वहाँ से पानी पिला कर उन्हें बचाया – तब ईश्वर ने हागार की आँखें खोली और उसे एक कुँआ दिखाई पडा, उसने मशक भरी और बच्चे को पिलाया (उत्पत्ति 21:19) ।

4. एलियाह को रोटी देता है-

       प्रभु ने एलियाह से कहा, यहाँ से पूर्व की ओर जाओं और यर्दन नदी के पूर्व करीत घाटी में छिपे रहो। तुम नदी का पानी पिओंगे । मैंने कौवों को आदेश दिया कि वे वहीं तुम्हें भोजन दिया करें (1 राजा 17 : 2-4) । जो प्रभु के लिए निस्वार्थ काम करते हैं, उनके प्राण और स्वास्थ्य को ईश्वर सुरक्षित रखेंगे।

5. पौलुस और सिलास को बन्दीगृह खोल देता है-

      एकाएक इतना मारी भूकम्प हुआ कि बन्दीगृह कीं नींव हिल गयी । उसी क्षण सब द्वार खुल णये (प्रे.च.16:26) । आगे के वचनों से हम समझते हैं कि बन्दीगृह के पहरेदारों ने ईसा पर आस्था रखी और उन्होने बपतिस्मा स्वीकारा। यही नहीं न्यायकर्ताओं ने सीधे आकर उनसे माफी मांगी और शहर छोड जाने की मांग की।

6 . मरथा और मरियम को लाज़रूस को पुनर्जीवित करके देत्ते हैं- Jesus Love You
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      लाज़रूस के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद ईसा बथानिया आये । मरियम ने दौड आकर ईसा से कहा, ’प्नभु! आप यहाँ’ होते तो मेरा भाई नहीं मरता ‘(योहन 11 :32) । उसको और साथी  यहूदियों को रोते पाकर ईसा भी रोये (योहन 11:35)। फिर 38 से 44 तक के वचनों में हम देखते है कि ईसा ने लाज़रूस को पुनर्जीवन देकर मरथा और मरियम क्रो सौंपा । ईसा के पुनरुत्थान के पहले हुए चमत्कारों में महान चमत्कार ।
      इसलिए हम पहले यह करें कि ईश्वर के वचन सुनें, उन्होंने मूसा के ज़रिए जो संहिता दो, उसका पालन करते हुए ईश्वर की प्यारी सन्तानें हो जायें। उस दिन नौका के सिरे पर सिर रख कर सोये ईसा, जब अपने साथ पडे हें तब बिना सोये पहरा देंगे और ज़रूरी बन्दोबस्त करेंगे ।

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